The Definitive Guide to Fear Aur Dar Ko Kaise Jeetein – Tantrik Upay & Divya Sadhana
जब अपने डर को जानने की बात आती है, तो थोड़ा जिज्ञासु बनना किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचाता है। इस बारे में जिज्ञासु बनें कि ऐसे कौन से विचार हैं जो आपको डर की स्थिति में लाते हैं। आपको डर कब लगता है?
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मेरे बच्चों का क्या होगा वगैरह वगैरह तो ये बातें उसके दिल में घर कर लेती हैं.
निष्कर्ष आपका डर आपका दुश्मन नहीं है – वह एक शिक्षक है, जो आपको कुछ सिखाने आया है।
एक कागज पर उस डर को लिखिए जो आपको सबसे ज्यादा प्रभावित करता है।
डर को दूर करने के लिए सबसे पहले जरूरी है कि आप अपने डर को पहचानें और जान लें कि वास्तव में क्या चीज है जिससे आप डरते हैं। जब आप डर की स्थिति में हों, तो उस वक्त आपके दिमाग में क्या चीजें और विचार चल रहे हैं, कैसी तस्वीरें बन रही हैं, उन पर ध्यान दें। क्या आप सच में डरे हुए हैं या यह केवल एक बाहरी प्रेशर है। अपने इनर स्पेस का एक ऑब्ज़र्वर बनें।
हमें ऐसा लगता है की जैसे हम कुछ कर ही नहीं पायेंगे और हमें ऐसी स्थिति से बचने के लिए भाग लेना चाहिए.
डर एक ऐसी चीज है जिसे जितना पाले, पनाह देंगे, हमें उतना ही अपने चुंगल में समेटने लगता हैं। वक्त रहते यदि इस डर का इलाज नहीं किया जाए तो व्यक्ति धीरे-धीरे लेकिन बहुत छोटी छोटी बातों से भी घबरा कर चिंतित परेशान रहने लगता है, जैसे किसी बहुत बड़ी समस्या ने उसे घेर लिया है।
डर को हराने की शक्ति: आत्म-प्रेरणा कैसे जगाएं?
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सोशल मीडिया डिटॉक्स भी फायदेमंद हो सकता है।
ऐसे लोगों में नकारात्मक विचार ज्यादा आते हैं और उन्हें लगने लगता है की उनका साथ देने वाला कोई नहीं है.
अपने डर और भावनाओं को लिखना एक शानदार तरीका है उन्हें बाहर लाने का।
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